Unacademy की पूरी कहानी: यूट्यूब चैनल से अरबों डॉलर की कंपनी और फिर ₹1,955 करोड़ में upGrad के हाथों अधिग्रहण तक

Unacademy started as a YouTube channel in 2010 and grew into a $3.44 billion edtech company by 2021. After the pandemic, changing learning patterns, rising costs and business challenges led to a sharp decline in its valuation. In 2026, upGrad completed the acquisition of Unacademy for around $206 million in an all-stock deal. The Unacademy brand will continue, with Gaurav Munjal remaining as CEO.

Unacademy कभी भारत की सबसे चर्चित शिक्षा तकनीक कंपनियों में शामिल थी। 2021 में कंपनी की कीमत करीब **3.44 अरब डॉलर** तक पहुंच गई थी। उस समय इसे भारत की सबसे बड़ी और तेजी से बढ़ने वाली नई कंपनियों में गिना जाता था। लेकिन कुछ ही वर्षों में हालात बदल गए और 1 सितंबर 2026 को Unacademy का करीब **206 मिलियन डॉलर यानी लगभग ₹1,955 करोड़** में upGrad ने अधिग्रहण कर लिया।

### **यूट्यूब चैनल से हुई शुरुआत**

Unacademy की शुरुआत साल 2010 में एक यूट्यूब चैनल के रूप में हुई थी। इसके पीछे Gaurav Munjal, Roman Saini और Hemesh Singh थे। साल 2015 में इसे एक औपचारिक ऑनलाइन शिक्षा मंच के रूप में आगे बढ़ाया गया।

शुरुआत में कंपनी का मुख्य ध्यान प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी पर था। धीरे-धीरे बड़ी संख्या में शिक्षक इससे जुड़े और लाखों विद्यार्थी इसके मंच तक पहुंचे।

कंपनी ने ऑनलाइन पढ़ाई को आसान और अधिक सुलभ बनाने की कोशिश की। शिक्षक सीधे विद्यार्थियों से जुड़ सकते थे और विद्यार्थी अपने घर से पढ़ाई कर सकते थे।

### **कोरोना ने बदल दी कंपनी की रफ्ता**र

साल 2020 में कोरोना महामारी आई तो स्कूल, कॉलेज और कोचिंग संस्थान बंद होने लगे। ऐसे समय में ऑनलाइन पढ़ाई की मांग तेजी से बढ़ी।

Unacademy को इसका बड़ा फायदा मिला। कंपनी तेजी से बढ़ी, नए शिक्षक जुड़े, विद्यार्थियों की संख्या बढ़ी और निवेशकों का भरोसा भी मजबूत हुआ।

साल 2021 में कंपनी ने करीब **440 मिलियन डॉलर** की बड़ी पूंजी जुटाई। इसके बाद Unacademy की कीमत लगभग **3.44 अरब डॉलर** पहुंच गई। यह कंपनी के सफर का सबसे ऊंचा दौर था।

उस समय Unacademy को भारत के सबसे बड़े शिक्षा तकनीक आधारित स्टार्टअप्स में गिना जा रहा था।

### **विस्तार के लिए कई कंपनियां खरीदीं**

तेजी से बढ़ने के दौरान Unacademy ने अपने कारोबार का विस्तार भी किया।

कंपनी ने प्रतियोगी परीक्षाओं, व्यावसायिक शिक्षा और दूसरी शिक्षा सेवाओं से जुड़ी कई कंपनियों को अपने साथ जोड़ा। PrepLadder, Kreatryx और CodeChef जैसे नाम इसी विस्तार का हिस्सा रहे।

कंपनी का उद्देश्य केवल एक ऑनलाइन पढ़ाई मंच बने रहना नहीं था, बल्कि शिक्षा के अलग-अलग क्षेत्रों में अपनी मजबूत जगह बनाना था।

### **फिर कोरोना के बाद बदल गया बाजार**

लेकिन कोरोना महामारी खत्म होने के बाद शिक्षा का बाजार तेजी से बदल गया।

स्कूल, कॉलेज और कोचिंग संस्थान फिर से खुलने लगे। बड़ी संख्या में विद्यार्थी वापस कक्षा और कोचिंग सेंटर में जाने लगे।

इसका असर ऑनलाइन शिक्षा कंपनियों पर पड़ा। जिस गति से महामारी के दौरान ऑनलाइन पढ़ाई बढ़ी थी, वह गति सामान्य होने लगी।

Unacademy के सामने भी यही चुनौती आई। कंपनी को अपने खर्च कम करने पड़े और कारोबार के कई हिस्सों में बदलाव करना पड़ा।

### **कर्मचारियों की संख्या में बड़ी कटौती**

बढ़ते खर्च और बदलते बाजार के बीच Unacademy ने लागत कम करने के लिए कर्मचारियों की संख्या घटाई।

2022 के बाद कंपनी में बड़े स्तर पर छंटनी हुई। हजारों कर्मचारियों को अलग-अलग चरणों में कंपनी से बाहर जाना पड़ा।

कंपनी ने अपने कारोबार को अधिक टिकाऊ बनाने और नुकसान कम करने पर ध्यान देना शुरू किया। वित्त वर्ष 2021-22 में कंपनी का घाटा करीब **₹2,848 करोड़** रहा। अगले वित्त वर्ष में राजस्व बढ़ा और घाटा घटकर करीब **₹1,678 करोड़** रह गया।

### **3.44 अरब डॉलर से 500 मिलियन डॉलर से नीचे**

Unacademy की सबसे बड़ी समस्या उसकी गिरती कीमत बन गई।

2021 में जिस कंपनी की कीमत करीब 3.44 अरब डॉलर थी, 2025 तक उसकी कीमत 500 मिलियन डॉलर से भी नीचे बताई जाने लगी।

Unacademy के सह-संस्थापक Gaurav Munjal ने दिसंबर 2025 में खुद कहा था कि कंपनी की कीमत अपने सबसे ऊंचे स्तर से काफी नीचे आ चुकी है। उन्होंने यह भी माना कि महामारी के बाद विद्यार्थियों का वापस ऑफलाइन पढ़ाई की ओर जाना और बाजार में बदलाव इसके बड़े कारणों में शामिल रहे।

### **upGrad के साथ पहली बातचीत भी टूट गई**

2026 की शुरुआत में Unacademy और upGrad के बीच अधिग्रहण को लेकर बातचीत शुरू हुई।

लेकिन दोनों कंपनियां कीमत को लेकर सहमत नहीं हो सकीं। जनवरी 2026 में बातचीत रुक गई। उस समय प्रस्तावित सौदे की कीमत करीब 300 मिलियन डॉलर बताई जा रही थी।

ऐसा लग रहा था कि यह सौदा शायद अब नहीं होगा।

लेकिन कुछ ही समय बाद बातचीत दोबारा शुरू हुई।

### **मार्च में फिर शुरू हुई बातचीत**

मार्च 2026 में दोनों कंपनियों के बीच दोबारा समझौते की दिशा में बातचीत आगे बढ़ी।

इस बार सौदा नकद भुगतान के बजाय **शेयरों के आदान-प्रदान** के आधार पर करने का फैसला हुआ। यानी Unacademy के मालिकाना हिस्से रखने वाले निवेशकों को नकद देने के बजाय upGrad के शेयर दिए जाने थे।

जुलाई 2026 में भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग ने भी इस सौदे को मंजूरी दे दी।

इसके बाद अंतिम प्रक्रिया पूरी की गई और 1 सितंबर 2026 को अधिग्रहण आधिकारिक रूप से पूरा हो गया।

### **₹1,955 करोड़ में हुआ अंतिम सौदा**

### अंततः upGrad ने Unacademy का अधिग्रहण करीब **206 मिलियन डॉलर यानी लगभग ₹1,955 करोड़** में पूरा किया।

यह सौदा पूरी तरह शेयर आधारित है। यानी Unacademy के निवेशकों को कंपनी बेचने के बदले upGrad में हिस्सेदारी मिली है।

महत्वपूर्ण बात यह है कि Unacademy का नाम और ब्रांड खत्म नहीं होगा। Gaurav Munjal कंपनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी के रूप में अपनी भूमिका जारी रखेंगे।

### **upGrad ने Unacademy को क्यों खरीदा?**

upGrad पहले से उच्च शिक्षा, पेशेवर शिक्षा और करियर से जुड़ी सेवाओं के क्षेत्र में काम करता है।

वहीं Unacademy की सबसे बड़ी ताकत प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी और बड़ी संख्या में विद्यार्थियों तक पहुंच है।

इस सौदे के जरिए upGrad को विद्यार्थियों के शिक्षा सफर के शुरुआती चरण में मजबूत पकड़ बनाने का मौका मिलेगा। दूसरी तरफ Unacademy को एक बड़े शिक्षा समूह का हिस्सा बनने से अपने कारोबार को आगे बढ़ाने के लिए नया आधार मिल सकता है।

यानी यह केवल एक कंपनी के दूसरी कंपनी में मिलने की कहानी नहीं है, बल्कि भारत के शिक्षा तकनीक क्षेत्र में बढ़ते एकीकरण का भी संकेत है।

### **Unacademy की कहानी हमें क्या बताती है?**

Unacademy की कहानी भारतीय स्टार्टअप दुनिया के लिए एक बड़ी सीख है।

एक कंपनी केवल कुछ वर्षों में एक छोटे यूट्यूब चैनल से अरबों डॉलर की कंपनी बन सकती है। लेकिन बाजार हमेशा एक जैसा नहीं रहता।

कोरोना के दौरान ऑनलाइन शिक्षा की मांग तेजी से बढ़ी तो कंपनी की कीमत भी आसमान पर पहुंच गई। लेकिन कोरोना के बाद बाजार बदला और वही कंपनी अपनी ऊंची कीमत का बड़ा हिस्सा खो बैठी।

2021 में Unacademy भारत के ऑनलाइन शिक्षा क्षेत्र की तेज सफलता का उदाहरण था।

2026 में upGrad के साथ उसका अधिग्रहण इस बात का उदाहरण है कि बदलते बाजार में बड़ी कंपनियों को भी अपने कारोबार का रास्ता बदलना पड़ता है।

**Unacademy की कहानी यहां खत्म नहीं होती। 2010 में शुरू हुई यह यात्रा अब upGrad के साथ एक नए अध्याय में प्रवेश कर चुकी है।**